बाल गीत
बारह मास , तेरह त्योहार
हमको ईश्वर का उपहार ।
हमको ईश्वर का उपहार ।
रंग रंगीली होली आती ,
गुझिया संग पिचकारी लाती ।
गुझिया संग पिचकारी लाती ।
कभी दशहरा कभी दिवाली,
सतरंगी है छटा निराली ।
सतरंगी है छटा निराली ।
अलग रिवाज अनोखे भेष ,
भारत है त्योहारों का देश ।|https://www.facebook.com/antarmana
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